धंधा जज्बात से नहीं, पक्के अनुशासन से चलता है! Business is not driven by emotions, but by strong discipline!
धंधा जज्बात से नहीं, पक्के
अनुशासन से चलता है!
एक हलवाइ की दुकान शहर मे सबसे मशहूर
थी। उसका नियम था
सुबह 4:00 बजे भट्टी
जलनी
ही चाहिए।
एक दिन तेज बारिश और
कडाके की ठंड थी, पर वो अकेला दुकान पर
पहुँच गया।
लोग बोले- "आज तो कोई नहीं
आएगा।" उसने जवाब दिया- "ग्राहक आए न
आए, मेरा अनुशासन (Discipline) नहीं टूटना
चाहिए।"
आज उसकी 10 शाखाएँ हैं। धंधा
कहता है कि आपकी प्रतिभा (Talent) आपको
शुरुआत दिला सकती है, पर आपका अनुशासन
ही आपको शिखर पर टिका कर रखेगा।
Reason:-
आलस आपका सबसे बडा उधार है, जिसे
चुकाते-चकाते उम्र निकल जाती है।
क्या आप हर दिन अपने अनुशासन पर
टिके हैं? अपनी अटेंडेंस 'Present'
लिखकर लगाओ!
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