Rubaaii
तुम आओ तो किश्त-ए-वीराँ में फ़स्ल-ए-बहार का बुवार हो
फिर से दूधिया दरिया के किनारे तेरा साया उस्तुवार हो
तुम आओ तो बे-लचक खुश्क दरिया पे सियाह अब्र का फुवार हो
फिर से मेरे आँगन में चौदवीं के चाँद का दर-ओ-दुवार हो
You may also like: ज़िंदगी भर किया इंतज़ार | Short inspirational quote
Likes 0 · Dislikes 0
Log in to like or dislike this
post.
Leave a Reply
Please log in to comment on this post.