हार कर कैसे बैठु मैं | short motivational poem / poetry for father
हार कर कैसे बैठे मैं
इतनी जल्दी यारा,
मेरे हारने से,
मेरा बापू हार जाएगा।
मैं चाहता हूँ,
बापू के सर पर ताज सजाना!
वो खुश होगा तो
मुझको गले से लगाएगा।
सुना हैं बापू के गले लगने से
दुनिया ठहर सी जाती है,
अब ये लडका, अपनी मेहनत से
इस दुनिया को ठहराएगा !!
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